बुधवार, 13 मई 2015

इतनी करुणा हमे दीजिये हे प्रभु

इतनी करुणा हमे दीजिये हे प्रभु,
हम दयावान हो जाये सबके लिए,
मन में छल ना कपट प्यार के गीत ही,
साथ गाये सभी मिलके सबके लिए.......
यूँ किसी आंख से आंसू गिरने न दे,
बाँट ले उसके गम हम सभी साथ में,
हार कर गर कोई जान देने लगे,
थाम ले हाथ उसका सभी हाथ में,
हर दया हर दुआ ना हो अपने लिए, मांग ले रब से खुशियाँ सभी के लिए,
इतनी करुणा हमे दीजिये हे प्रभु हम दयावान हो जाये सबके लिए....
थोड़ा थोड़ा सही दूसरों के लिए,
हम करे त्याग कोई दुखी ना रहे,
हम सभी एक संतान ईश्वर की है,
भाई भाई से यूँ बेरुखी ना रहे,
अपने आंसू तो सब पोछते है मगर हाथ सबके बढे सबके दुःख के लिए,
इतनी करुणा हमे दीजिये हे प्रभु हम दयावान हो जाये सबके लिए.......
अनुपम "वास्तव"