गुरुवार, 14 अप्रैल 2011

तुमसे एक बात कहना चाहता हु............

तुमसे एक बात कहना चाहता हु,
बस एक फरियाद करना चाहता हु,
न कह सके तो मर जायेंगे हम,
इससे पहले मुलाकात करना चाहता हु....

पल भर ही सही आज जी भर लेकिन,
होके अपना सही आज अजनबी लेकिन,
आखिरी बार तेरे साथ होना चाहता हु,
तुमसे एक बात कहना चाहता हु........

किसी के दिल में खुद को कभी बसने न दिया,
रहा तनहा मगर ये दिल कहीं खोने न दिया,
तेरा ये दिल है तुझ्हे आज देना चाहता हु,
तुमसे एक बात कहना चाहता हु.......

खामोश लब थे जब से दूर हो गए थे हम,
जो भी कहते थे सिर्फ तुझसे ही कहते थे हम,
लबों को फिर वही आवाज देना चाहता हु,
तुमसे एक बात कहना चाहता हु.....

कह ले चाहे तू जो भी आज कहना चाहे,
बड़े दिनों के बाद दिल ये आज रोना चाहे,
तेरे पहलु में आखिरी बार रोना चाहता हु,
तुमसे एक बात कहना चाहता हु......

दूर हो कल को हम आज उससे पहले ही,
पहन ले सर पे कफ़न आज उससे पहले ही,
गोद में तेरी एक पल को सोना चाहता हु,
तुमसे एक बात कहना चाहता हु.....

मेरी आँखों ने दिखाए थे कुछ हंसीं सपने,
जो हकीकत न हुए बनके रह गए सपने,
उन्हें आखिरी पल ही सही साथ जीना चाहता हु,
तुमसे एक बात कहना चाहता हु.........

ये आसमान एक था हम ही दूर दूर रहे,
किसी पिजड़े में बंद पंछी से मजबूर रहे,
हर बंधन को आज तोड़ आना चाहता हु,
तुमसे एक बात कहना चाहता हु...

पंख थे, तेरे बगैर मगर उड़ न सके,
आसमा से गिरे पंक्षी की  तरह उड़ न सके,
आज आखिरी बार तेरे साथ उड़ना चाहता हु,
तुमसे एक बात कहना चाहता हु.........


लेखक,
अनुपम"अनमय"



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